पाइल्स की तकलीफ और मेरा रिकवरी सफर (Piles Recovery Story)
By Suraj T. | March 2026
नमस्ते, मेरा नाम सूरज है। मैं आपको अपने बवासीर (Piles) के दर्दनाक अनुभव के बारे में बताना चाहता हूँ। शायद मेरी कहानी पढ़कर किसी ऐसे इंसान को हिम्मत मिले, जो मेरी तरह शर्म के मारे डॉक्टर के पास नहीं जा रहा हो।
शुरुआत कैसे हुई?
मेरी लाइफस्टाइल बहुत भागदौड़ वाली थी। ऑफिस में 9-10 घंटे बैठे रहना और बाहर का जंक फूड खाना। करीब 3 साल पहले मुझे मल त्याग (passing stool) के समय हल्का दर्द और कभी-कभी ब्लीडिंग महसूस हुई। शुरुआत में मैंने इसे इग्नोर किया और मेडिकल स्टोर से कुछ क्रीम्स लाकर लगा लीं। मुझे किसी से इस बारे में बात करने में बहुत शर्म आती थी।
जब दर्द बर्दाश्त के बाहर हो गया
धीरे-धीरे तकलीफ इतनी बढ़ गई कि मेरा ऑफिस की कुर्सी पर बैठना तक मुश्किल हो गया। मुझे दर्द के मारे रात को नींद नहीं आती थी। तब मेरे एक कलीग ने मुझे PILES CURE CLINIC (SINCE 1960) क्लीनिक के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वहाँ लेजर ट्रीटमेंट (Laser Treatment) होता है, जिसमें कोई चीरा या टांका नहीं लगता।
मेरा लेज़र ट्रीटमेंट का अनुभव
बहुत हिम्मत जुटाकर मैं डॉक्टर के पास गया। उन्होंने मेरी परेशानी समझी और मुझे बहुत कम्फर्टेबल फील कराया। उन्होंने मेरी जांच की और बताया कि मुझे ग्रेड-3 पाइल्स है, और लेजर सर्जरी से ये परमानेंट ठीक हो जाएगा।
सर्जरी वाले दिन मैं बहुत डरा हुआ था। लेकिन सच मानिये, ऑपरेशन थिएटर में मुझे कुछ भी महसूस नहीं हुआ! मात्र 20-30 मिनट में प्रोसीजर पूरा हो गया। अगले ही दिन मुझे discharge कर दिया गया।
आज मैं कैसा हूँ?
आज सर्जरी को 3 महीने हो चुके हैं और मैं बिल्कुल नॉर्मल लाइफ जी रहा हूँ। न कोई दर्द, न ब्लीडिंग। मेरी आप सब से यही गुजारिश है कि प्लीज इस बीमारी को छुपायें नहीं और देसी नुस्खों में समय बर्बाद न करें। PILES CURE CLINIC (SINCE 1960) की टीम सच में बहुत शानदार और सपोर्टिव है।